तास भ्रमण की है बहु कथा,पै कुछ कहूँ कही मुनि यथाकाल अनंत निगोद मंझार,बीत्यो एकेंद्रीय तन धार.
शब्दार्थ
१.तास-उस संसार में.
२.भ्रमण-भटकना.
३.बहु-बहुत सारी.
४.पै-मैं (यानी की कवि)
५.मुनि-निर्ग्रन्थ मुनि
६.कछु-थोडा सा ही
७.यथा-वैसा का वैसा,एक जैसा.
८.निगोद-एक ऐसी साधारण वनस्पति पर्याय जिसमें एक जीव में अनंत जीव विधमान होता है,यानी की एक जीव की गोद में अनंतानत जीव होतें हैं.
९.मंझार- चक्कर में फस के.
१.तास-उस संसार में.
२.भ्रमण-भटकना.
३.बहु-बहुत सारी.
४.पै-मैं (यानी की कवि)
५.मुनि-निर्ग्रन्थ मुनि
६.कछु-थोडा सा ही
७.यथा-वैसा का वैसा,एक जैसा.
८.निगोद-एक ऐसी साधारण वनस्पति पर्याय जिसमें एक जीव में अनंत जीव विधमान होता है,यानी की एक जीव की गोद में अनंतानत जीव होतें हैं.
९.मंझार- चक्कर में फस के.
भावार्थ: संसार में जन्म-मरण की अनेक कहानियाँ | कवि दौलटराम जी कहते हैं , जिस प्रकार मेरे पूर्व आचार्यों ने अपनी रचनाओं में इन कहानियों का उल्लेख किया है , उसी प्रकार मैं भी अपनी रचना में इस बारे में कहता हूँ , परंतु संक्षिप्त में| इस जीव ने नरक से भी बदतर निगोद में एकिन्द्रिय जीव के शरीर भी धारण किए हैं और अनंतानंत काल बिताए हैं!
Taasu Bhraman Ki Hai Bahu Kathaa,
Pal Kachhu Kahau Kahee Muni Jathaa;
Katz! Anant Nigod Manjhaari,
Beetyau lkindri Tan Dhaar.
Word Meaning: Taasu that living being’s mundane existence, BItranzati Ki of wandering, Hai Bahu Kathaa is very long story, Pai Kaelthu but in brief, Kahau state, Kit/tee Muni Jathaa as narrated by the ascetics, Kaal Anatzt time infinite Nigod Manjhaari in the midst of lowest form of life, Beetyau passed, ‘kind,” “Ian Dhaar with only one sense organism.