दुर्लभ लहें जो चिंता मणि,त्यों पर्याय लहें त्रस त्रणी,लट,पिपील,अलि अदि शरीरा,धर धर मरयो सही बहुपीरा.
शब्दार्थ१.दुर्लभ-बड़ी मुश्किल से मिलने वाली चीज
२.लहें-लगे
३.चिंता मणि-एक अमूल्य मणि,बड़ी दुर्लभता से मिले
४.त्यों-वैसा
५.त्रस – दो,तीन और चार इन्द्रिय जीव.
६.पिपील-चीटीं
७.अलि-भौरां
८.धर-धर-बार बार
९.पीरा-दर्द
१०.बहु-बहुत
२.लहें-लगे
३.चिंता मणि-एक अमूल्य मणि,बड़ी दुर्लभता से मिले
४.त्यों-वैसा
५.त्रस – दो,तीन और चार इन्द्रिय जीव.
६.पिपील-चीटीं
७.अलि-भौरां
८.धर-धर-बार बार
९.पीरा-दर्द
१०.बहु-बहुत
भावार्थ :जिस प्रकार चिंतामनी रतन बड़ी कठिनाईयो से मिलता हैं उसी प्रकार त्रस्त जीवों का शरीर पाना भी बहूत मुश्किल हैं| इस त्रस्त इंद्रिया जीवन मैं भी इस जीव ने लट आदि दो इंद्रिया जीव, कीड़ा आदि तीन इंद्रिया जीव ,भँवरा आदि चार इंद्रिया जीव वगेरा शरीरों को बार बार धारण कर मर्ण और अत्यंत दुख सहा हैं!
Durlabh Lahi Jyaun Chintaamannee,Tyaun Parjaay La/tee Trasatannee;Lat Pipeeli Ali Aadi Shareer,Dhari-Dhari Matyau Sahee Bahu Peer.
Word Meaning: Durlabh-rare. Lahi-to get. Jyaun Chintaamatznee-as desire fulfilling jewel. Tyaun Pacjaay Lahee-to get a form like that. Trasatannee-mobile living being. Lat-a worm. Pipeeli-an ant. Al! Aadi-a beetle etc., Shareer-body. Dhari Dhari-gettin again and again repeatedly. Maryau-to die. Sahee Balm Peer-suffered tremendous agony.