तहां भूमि परसत दुःख इसो,बिच्छु सहस डसे नहीं तिसो
तहां राध-श्रोणित वाहिनी,कृम्कुल्कलित देह-दाहिनी.
शब्दार्थ
१.तहां-उस नरक की
२.परसत-स्पर्श
३.इसो-होता है
४.सहस-१०००
५.राध-श्रोणित–पीप और खून की
६.वाहिनी-नदी
१.तहां-उस नरक की
२.परसत-स्पर्श
३.इसो-होता है
४.सहस-१०००
५.राध-श्रोणित–पीप और खून की
६.वाहिनी-नदी
भावार्थ:उन नरको की भूमि का स्पर्शमात्र करने से नारकियो को इतनी वेदना होती हैं की हज़ारो बिछू एकसाथ डॅंक मारें, तब भी उतनी वेदना न हो! तथा उस नरक में रकट, मवाद और छोटे-छोटे कीड़ो से भारी हुई, शरीर में दाह उत्तपन करने वाली एक वैतरणी नदी हैं, किंतु वाहा तो उनकी पीड़ा अधिक भयंकर हो जाती है!
(जीवों को दुख होने का मूल कारण तो उनकी शरीर के साथ ममता ही हैं; धरती का स्पर्श आदि तो मात्र निमित कारण हैं!)
Tahaan Bhoomi Parasat Dukh Isau,Bichhoo Sahas Dasat Tan Tisau;Tahaan Raadhi-Shronnit Vaahinee,Krumi-Kul Kalit Deh Daahinee.
Word Meaning: Thhaan-in the infernal area Bhoonti Parasat-touch of the ground, Dukh-sufferings Isate-as much as. Bichhoo Sahas Dasat-by the sting of thousands of scorpions. Tan Tisoto the body. Thhaan-in the infernal (hell) realm Rain//ti-puss. Shronnit Vaahthee-river of blood. Krunzi-Kul Kalit- swamp of worms. Deh- Daahinee-eauses burning of body.