कबहू आप भयो बलहीन,सबलनिकरि खायो अतिदीन,
छेदन,भेदन,भूख,पियास,भार सहन हिम आतप तरस.
शब्दार्थ१.सबल निकरि-बलवान पशुओं ने
२.अतिदीन-असमर्थता,कोई दया नहीं करता था
३.छेदन-छेद किये
४.भेदन-टुकड़े-टुकड़े करना
५.हिम-ठण्ड
६.आतप-गर्मी
२.अतिदीन-असमर्थता,कोई दया नहीं करता था
३.छेदन-छेद किये
४.भेदन-टुकड़े-टुकड़े करना
५.हिम-ठण्ड
६.आतप-गर्मी
भावार्थ :पॅंच इंद्रियो में यह जीव स्वयम् ही निर्बल पशु के रूप में पैदा हुआ! असमर्थ होने के कारण यह अपने से बलवान पंशुओ द्वारा खाया भी गया! इसके अलावा भी इस जीव ने अत्यंत दुख सहे , कभी भेदे जाने के कारण, कभी काँटे जाने के कारण, कभी भूखे प्यासे रहने के कारण, कभी बोझा ढोने के कारण और सर्दी व गर्मी के कारण!
Kabahoon Aap Bhayau Balaheen,Sabalani Karl Khaayau Atideen;Chhedan-Bhedan Bhookh-Piyaas,Bhaar Vahan Him-Aatap Traas.
Word Meaning: Kabahoon-sometimes. Aap-that living being Bhayau-has taken birth. Bala/teen-weak animal. Sabalani Karl-by strong ones. Khaayau-caten. Atideen-as a helpless. Chhedan-pierced, ‘Medan-cut, Bhookh-hunger. hymn-kept thirsty. Bhaar Vahan-carried loads. Him-Aatap-cold and hot. Traas-sufferings.