एक श्वाश में अथदस बार,जन्म्यो मरयो,सहयो दुःख भार
निकसि भूमि जल पावक भयो,पवन प्रत्येक वनस्पति थयो
शब्दार्थ
१.श्वाश -एक सांस में
२.अथदस-१८ बार
३.जन्म्यो-जन्मा
४.मरयो-मरा
५.निकसि-वहां से निकलकर,या उचट कर.
६.भूमि-भूमि कायिक जीव
७.जल-जल्कायिक जीव
८.पावक-अग्नि कायिक जीव
९.भयो-हुआ
१०.पवन-वायु कायिक
११.प्रत्येक वनस्पति-वनस्पति कायिक जीव का एक प्रकार.
१.श्वाश -एक सांस में
२.अथदस-१८ बार
३.जन्म्यो-जन्मा
४.मरयो-मरा
५.निकसि-वहां से निकलकर,या उचट कर.
६.भूमि-भूमि कायिक जीव
७.जल-जल्कायिक जीव
८.पावक-अग्नि कायिक जीव
९.भयो-हुआ
१०.पवन-वायु कायिक
११.प्रत्येक वनस्पति-वनस्पति कायिक जीव का एक प्रकार.
भावार्थ कवि कहते है की निगोद, जो की नर्क से भी बदतर गत है, में इस जीव ने एक श्वास मात्र जीतने समय मे १८ बार जनम मरण करके बहुत भयनकर दुख सहन किये हैं! इन दुखो का बोझ सहतें हुए वह बड़ी कठिनाईयो से निकाला हैं और पृथ्वी, जल, अगनि वायु और प्रतेयक वानस्पतिकायी जीव के रूप मॅ उत्तपन हुआ हैं!
Ek Saans Mein Atth-Das Baar,
Jantnau Marau Bharau Dukhbhaar;
Nikasi Bhootni Jal Paawak Bhayau,
Pawan Pratyek Vanaspati Thayau.
Word Meaning: Ek Saans ;Mein in one pulse, Atth-Das Baar eighteen times, Janntau Marau took birth and died, SharauDukhbhaar suffered the pain, Nikasi come out-from nigod-, Bhoomi earth body, Jal water body, Paawak fire body, Bhayau born, Pawan air body, Pratvek Vanaspati Thayau born as an individual plant body life.